
चमोली: अब चमोली जिले के चीन सीमा से लगे मनोरम क्षेत्रों का भ्रमण करना संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मंगलवार को इस परमिट सेवा को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन केवल 35 लोगों को ही यह परमिट जारी किया जाएगा। इसके लिए प्रति व्यक्ति शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने इनर लाइन परमिट के दो प्रकारों की जानकारी दी। पहला, लोकल ट्रांजिट पास है, जो विशेष रूप से सीमा क्षेत्र में दो दिनों से अधिक समय तक रहने वाले चरवाहों को जारी किया जाएगा। दूसरा, सामान्य इनर लाइन परमिट है, जो दो दिनों के लिए वैध रहेगा। इस परमिट के माध्यम से पर्यटक नीती पास, माना पास और रिमखिम पास से 16 किलोमीटर की दूरी तक अंदरूनी क्षेत्रों में घूमने का आनंद ले सकेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि इनर लाइन परमिट के लिए ऑनलाइन पोर्टल चारधाम यात्रा के दौरान ही शुरू किया जाएगा। परमिट प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों को पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, एफिडेविट और मेडिकल जांच रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष जमा करनी होगी। विशेष रूप से, 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही इनर लाइन परमिट जारी किया जाएगा।
यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को इन दुर्गम लेकिन खूबसूरत स्थलों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण साबित होगी। हालांकि, सीमित संख्या और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया सुरक्षा और क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अब पर्यटक और श्रद्धालु सावधानीपूर्वक अपनी योजना बनाकर चीन सीमा क्षेत्र के अनछुए सौंदर्य का अनुभव कर सकेंगे।