
गौचर, 15 जुलाई, 2025 – गौचर क्षेत्र में लोडियागाड़ गदेरे में नहाते समय दो स्कूली छात्रों, दिव्यांशु (14) और गौरव (15) की दुखद मौत के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। यह घटना सोमवार शाम की है जब पांच छात्र गदेरे में नहाने गए थे।
चौकी प्रभारी मानवेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि सोमवार को ट्यूशन से लौटने के बाद पांच छात्र शाम करीब साढ़े छह बजे पनाई गांव के पास लोडियागाड़ गदेरे में नहाने चले गए थे। इस दौरान प्रियांशु (16) पहले नहाने के लिए उतरा, जबकि अन्य छात्र तैयारी कर रहे थे। तभी प्रियांशु गदेरे के ताल में बने एक भंवर में फंस गया। उसे बचाने के लिए चारों अन्य छात्र भी पानी में कूद गए। प्रियांशु किसी तरह बच निकलने में सफल रहा, लेकिन दिव्यांशु बिष्ट (पुत्र रविंद्र बिष्ट, निवासी गौचर) और गौरव गुसाईं (पुत्र गंभीर सिंह गुसाईं, निवासी डाटपुल गौचर) पानी में फंसकर बहने लगे।
एक छात्र, बॉबी रावत (15), तैरकर किनारे आ गया और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। भंवर में फंसे सभी छात्रों को बाहर निकाला गया और उन्हें उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग पहुंचाया गया। हालांकि, दिव्यांशु और गौरव ने उपचार से पहले ही दम तोड़ दिया। अन्य छात्रों में बॉबी रावत (15) पुत्र पीतांबर सिंह निवासी घली बैंड तूना रुद्रप्रयाग, अंशुल चौधरी (15) पुत्र राजेश चौधरी निवासी चोपड़ा पोखरी, द्रोणागिरी और प्रियांशु बिष्ट (16) पुत्र रविंद्र बिष्ट निवासी ग्रैफ चौक शामिल हैं।
स्कूल बंद, शोक में डूबा पूरा स्टाफ
पांचों छात्र सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के थे। प्रियांशु बिष्ट 11वीं कक्षा का छात्र था, जबकि अन्य चार नौवीं कक्षा में पढ़ते थे। दो छात्रों के निधन के शोक में मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल और इंटर कॉलेज दोनों बंद रहे। प्रधानाचार्य मदन सिंह चौधरी और विद्यालय स्टाफ ने मृतक छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
एक परिवार पर दुखों का पहाड
नारायणबगड़ ब्लॉक के डुंग्री गांव निवासी गंगा सिंह गुसाईं के लिए यह घटना दोहरी त्रासदी लेकर आई है। पिछले साल उनके बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, और अब सोमवार को उनके पोते गौरव की भी गदेरे में डूबने से मौत हो गई, जिससे गंगा सिंह बुरी तरह टूट गए हैं।
गंगा सिंह गुसाईं राजकीय पॉलीटेक्निक में कार्यालय सहायक के पद पर कार्यरत हैं। वे अपने पोते-पोतियों की अच्छी शिक्षा के लिए पिछले साल तक अपने छोटे बेटे पवन के बच्चों को अपने साथ रखते थे। एक साल पहले उनके बेटे पवन (25) की रतूड़ा के पास एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिससे उनके परिवार की पूरी जिम्मेदारी गंगा सिंह के कंधों पर आ गई। इसी बीच, आईटीबीपी में सेवारत उनके बड़े बेटे गंभीर सिंह की तैनाती अफगानिस्तान में होने से बड़े बेटे के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा भी गंगा सिंह पर आ गया। रोते हुए गंगा सिंह कहते हैं, “साल दर साल मिलते इन जख्मों से खुद को संभालना मुश्किल हो गया है।”
लोडियागाड़ गदेरा: खतरे का पुराना सबब
लोडियागाड़ गदेरा हमेशा से ही लोगों के लिए खतरे का सबब बना रहा है, और बरसात में यह और भी भयावह रूप ले लेता है। पनाई के ग्रामीणों ने बताया कि दस साल पहले भी यहां गदेरे में घास लेने गई तीन महिलाएं बह गई थीं। इस गदेरे का कैचमेंट फनल (कीप) के आकार का है, जिससे ऊपर से भारी मात्रा में इकट्ठा हुआ बरसात का पानी नीचे तलहटी में संकरे मार्ग से गुजरता है। इससे गदेरे के तेज बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। बजरंग दल गौचर ने यहां व्यापक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
प्रशासन की अपील: गदेरों से रहें दूर
पनाई गांव के पास हुई इस दुखद घटना के बाद, पुलिस और प्रशासन ने लोगों से मानसून के मौसम में नदियों और गदेरों के आसपास न जाने की अपील की है। थानाध्यक्ष राकेश चंद्र भट्ट ने किसी भी घटना के घटित होने पर तत्काल सूचना देने और अभिभावकों से अपने बच्चों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की है।