
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस का हंगामा जारी रहा, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने नौ विधेयक पारित करा लिए। इन विधेयकों में धर्मांतरण और लिव-इन-रिलेशनशिप से संबंधित कानून को और सख्त करने के प्रावधान शामिल हैं।
सत्र का घटनाक्रम उत्तराखंड मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने वेल पर आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस का हंगामा जारी रहा। हंगामा इतना बढ़ गया कि कांग्रेस नेताओं ने माइक तोड़ दिए और सचिव की मेज तक पलट दी। इस हंगामे के चलते कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
मुख्य विधेयक और उनके प्रावधान हंगामे और गतिरोध के बीच, सरकार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पारित कराए:
- धर्मांतरण विधेयक: यह धर्मांतरण कानून में संशोधन करता है, जिससे गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
- यूसीसी संशोधन विधेयक: इस संशोधन के तहत गलत तरीके से लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में सजा को और सख्त किया गया है।
- अल्पसंख्यक विधेयक: इस नए कानून के तहत राज्य में सभी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक अलग प्राधिकरण (Authority) का गठन किया जाएगा। इस प्राधिकरण के बनने के बाद मदरसों सहित अन्य संस्थानों को भी मान्यता मिल सकेगी।
कांग्रेस के हंगामे के बीच, निर्दलीय विधायक संजय डोभाल ने भी सदन में पोस्टर लहराया, जिस पर स्पीकर ने नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। कांग्रेस विधायकों ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए पूरी रात सदन में ही बिताई। इन सबके बावजूद सरकार ने सभी नौ विधेयकों को पारित कराने में सफलता हासिल की।