थराली, उत्तराखंड: भारी आपदा और भूस्खलन के कारण जहां चमोली जिले के थराली क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं इस मुश्किल समय में भी लोगों की आस्था अडिग है। इसी बीच, मां नंदा राजराजेश्वरी की पारंपरिक यात्रा अपने ससुराल के लिए रवाना हुई, जो लोगों के लिए आशा और शक्ति का प्रतीक बन गई है।
क्षेत्र में चारों ओर चिंता और आंसुओं का सैलाब है, सड़कों और रास्तों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद, भक्त और स्थानीय लोग दुर्गम रास्तों से होते हुए मां नंदा की विदाई यात्रा में शामिल हुए। प्रकृति की इस कठोर परीक्षा के बीच भी श्रद्धा और विश्वास की यह परंपरा कायम रही।
यह यात्रा दर्शाती है कि मुश्किलों के बावजूद, लोगों का अपने विश्वास और संस्कृति से गहरा लगाव है। मां नंदा राजराजेश्वरी की विदाई यात्रा ने आपदा से प्रभावित लोगों को भावनात्मक सहारा और आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान की है।